THN Network (Delhi / NCR Desk): 





दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली नगर निगम (MCD) की स्टैंडिंग कमेटी (स्थायी समिति) के चुनाव फिर से कराए जाने के महापौर शैली ओबेरॉय के फैसले पर अंतरिम रोक लगा दी है. हाईकोर्ट ने उप राज्यपाल, मेयर और नगर निगम को नोटिस देकर जवाब मांगा है. दिल्ली हाईकोर्ट ने मेयर को निर्देश दिया है कि वे बैलेट पेपर, सीसीटीवी फुटेज और चुनाव से जुड़ी अन्य सामग्री को संभालकर रखें.

दिल्ली नगर निगम के सदन में स्टैडिंग कमेटी के सदस्यों के चुनाव में मारपीट होने के बाद जहां आम आदमी पार्टी ने पुलिस कमिश्नर से सुरक्षा की गुहार लगाई, वहीं बीजेपी ने अदालत का दरवाजा खटखटाया. सोमवार को फिर से स्टैडिंग कमेटी के सदस्यों का चुनाव होना था लेकिन आज दिल्ली हाईकोर्ट ने महापौर के इस फैसले पर रोक लगा दी. 


बीजेपी की दो महिला पार्षद कमलजीत सहरावत और शिखा राय दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची थीं. बीजेपी पार्षदों ने मेयर शैली ओबेरॉय के शुक्रवार के स्टैंडिंग कमेटी के चुनाव में एक वोट अवैध घोषित करने के फैसले को चुनौती दी है. मामले की सुनवाई में मेयर शैली ओबेरॉय भी मौजूद थीं. 

हाईकोर्ट में सुनवाई के कारण मेयर और पुलिस कमिश्नर की मुलाकात टल गई है. मेयर आज शाम को पांच बजे दिल्ली के पुलिस कमिश्नर से मिलने वाली थीं. शुक्रवार को MCD सदन में हुई हिंसक झड़प के बाद शैली ओबेरॉय ने पुलिस कमिश्नर से मिलने के लिए समय मांगा था. शैली ओबेरॉय ने इसे लेकर कमला मार्केट थाने में पुलिस को शिकायत भी दी थी कि बीजेपी के पार्षदों ने उन पर हमला किया और जान से मारने की कोशिश की.


दिल्ली नगर निगम (MCD) की एक महत्वपूर्ण बॉडी, स्टैंडिंग कमेटी के छह सदस्यों के चुनाव में शुक्रवार को वोटों की गिनती के दौरान भारी हंगामा हुआ था. आम आदमी पार्टी और बीजेपी के पार्षदों के बीच मारपीट हुई थी. एमसीडी हाउस में दोपहर बाद से शुरू हुआ हंगामा रात तक चला था. आखिरकार रात में नौ बजे के बाद दिल्ली नगर निगम की स्टैंडिंग कमेटी का चुनाव रद्द कर दिया गया था. इसके बाद  27 फरवरी को सदन की फिर से बैठक होने और चुनाव फिर से कराए जाने की सूचना दी गई थी. 


दिल्ली नगर निगम में शुक्रवार को चुनाव की मतगणना उस समय बाधित हो गई थी जब बीजेपी ने एक मत को अमान्य किए जाने पर आपत्ति जताई. पहले सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी के सदस्य टेबल पर चढ़ गए और दिल्ली नगर निगम हाउस में एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. बाद में नौबत हाथापाई की भी आ गई. पार्षदों के बीच मारपीट हुई. एक महिला के बाल भी खींचे गए. बीजेपी के पार्षदों ने कहा कि वे पुनर्मतगणना की इजाजत नहीं देंगे. 


मेयर के एक वोट को अवैध घोषित करने के बाद बीजेपी ने मतगणना में बाधा डाली. हालांकि मेयर ने जोर देकर कहा कि परिणाम अमान्य वोट के बिना घोषित किया जाएगा. इसके बाद सदन में अराजकता फैल गई. दोनों पक्षों के पार्षदों ने चिल्लाते हुए एक दूसरे को घूंसे, लात, थप्पड़ मारे और धक्का दिया. कुछ पार्षदों के कुर्ते फटे हुए नजर आए. एक पार्षद गिर भी गया.