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NEW DELHI: आप दिल्ली में रहते हैं और आपके पास रोजाना आने-जाने के लिए कार या बाइक है, तो यह खबर आपके लिए है। दिल्ली में जल्द ही प्रदूषण सर्टिफिकेट यानी PUC का चार्ज बढ़ने वाला है। दिल्ली परिवहन विभाग अगर चार्ज बढ़ाने वाले प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो आपको इसके लिए अपनी जेब ढीली करनी पड़ सकती है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि इस प्रस्ताव पर अभी विचार किया जा रहा है।

एक सीनियर अधिकारी ने इस बाबत कहा कि PUC चार्ज बढ़ाने से पहले हम सभी पहलुओं को देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है, इसलिए परिवहन विभाग पीयूसी टेस्ट को आसान और प्रभावी बनाने के लिए हर तरह से काम कर रहा है। पीयूसी चार्ज पर अधिकारी ने कहा कि परिवहन विभाग पहले सभी पक्षकारों से बात करने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचेगा। अगर ऐसा कोई आदेश आता है तो बढ़ती महंगाई इसका एक कारण होगी।

अभी कितना है चार्ज जान लीजिए
मौजूदा स्थिति की बात करें तो दिल्ली में दो पहिया वाहनों के प्रदूषण टेस्ट के लिए 60 रुपये और पेट्रोल से चलने वाले चार-पहिया वाहनों के लिए 80 रुपये और डीजल से चलने वाले चार-पहिया वाहनों के लिए 100 रुपये देने पड़ते हैं। इसके अलावा 18 फीसदी जीएसटी अलग से लगाया जाता है। बता दें कि पिछले साल 50 लाख पलूशन टेस्ट सर्टिफिकेट बांटे गए थे।

पीयूसी के बिना पकड़े जाने पर इतना देना होता है जुर्माना
मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार, वैध पीयूसी प्रमाणपत्र के बिना पकड़े जाने पर वाहन मालिकों को छह महीने तक की जेल या 10,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के अनुसार, प्रत्येक मोटर वाहन, जिसमें बीएस-I/II/III/IV के अनुरूप और सीएनजी/एलपीजी पर चलने वाले वाहन शामिल हैं। इनके रजिस्ट्रेशन की तारीख से एक साल की अवधि समाप्त होने के बाद एक वैध पीयूसी प्रमाण पत्र ले जाना आवश्यक है। हालांकि, चार-पहिया बीएस-IV अनुपालन वाले वाहनों के लिए वैधता एक वर्ष और अन्य के लिए तीन महीने है।

आखिरी बार कब बढ़े थे दाम
एक वरिष्ठ दिल्ली सरकारी अधिकारी ने कहा कि प्रदूषण टेस्ट दरें 2011 में आखिरी बार बढ़ी थीं। जबकि PUC प्रमाणपत्र के बिना पकड़े गए वाहनों के लिए लिए गए जुर्माना शुल्क में भी वृद्धि हुई है। अधिकारी ने कहा कि 'हमने प्रदूषण परीक्षण केंद्र चलाने वाले लोगों से भी अनुरोध किया है। उन्होंने कहा