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NEW DELHI: बीते दिनों से दिल्ली-एनसीआर में कोविड-19 के मामलों में काफी तेजी से उछाल देखने को मिला है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 30 मार्च से लेकर 17 अप्रैल तक लगभग तीन हफ्तों में कोरोना के सक्रिय मामलों में 430 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी हुई है। इन 19 दिनों में दिल्ली में COVID-19 के 13,200 से अधिक मामले दर्ज किए हैं। साथ ही सक्रिय मामलों की संख्या रविवार को 5,297 थी।विशेषज्ञों ने कहा है कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है और लोगों को कोविड-गाइडलाइन का पालन करना चाहिए और टीकों के बूस्टर शॉट लेने चाहिए। एलएनजेपी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक सुरेश कुमार ने 13 अप्रैल को आगाह किया था कि अगले कुछ हफ्तों में राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के मामले चरम पर होंगे। मार्च 30-अप्रैल 17 के बीच 30 से अधिक मौतें दर्ज की गई हैं, जिनमें 15 अप्रैल को 5 मौतें शामिल हैं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में सोमवार को 1,017 COVID-19 मामले दर्ज किए गए, जबकि पॉजिटिविटी दर बढ़कर 32.25 प्रतिशत हो गई, जो कि 15 महीनों में सबसे अधिक है। राजधानी ने पिछले साल 14 जनवरी को पॉजिटिविटी दर 30.6 प्रतिशत दर्ज की थी।

स्वास्थ्य विभाग के बुलेटिने में बताया गया कि सोमवार को कोविड-19 के मामले दिल्ली में 20, 24,244 का आंकड़ा पार कर गए हैं, जबकि कोरोना से मरने वालों की संख्या 26 हजार के आंकड़े को पार कर गई है। साथ ही 12 अप्रैल को दिल्ली में कोरोना के एक हजार से ज्यादा मामले मिले थे जो बीते सात महीनों में पहली बार दर्ज किए गए थे। हालांकि दिल्ली में हाल के दिनों में कोरोना वायरस के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है, लेकिन अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या बहुत कम थी, क्योंकि लोग घर पर आइसोलेट रहकर ही ठीक जा रहे हैं।  

यह हैं लक्षण

चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि वायरस का नया XBB.1.16 वैरिएंट उछाल को बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि मामलों की संख्या में यह वृद्धि अधिक लोगों द्वारा एहतियात के तौर पर खुद का कोविड परीक्षण कराने का परिणाम हो सकती है। जब वे वास्तव में इन्फ्लूएंजा वायरस से संक्रमित हो जाते हैं और बुखार और संबंधित लक्षण सामने आते हैं। इसके प्रमुख लक्षण नाक का बहना, लगातार खांसी और बुखार है।

केंद्र ने दिए दिशा-निर्देश

वहीं, कोविड के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल कई मीटिंग की थी, जहां उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार कोविड मामलों में तेजी पर नजर रख रही है और सरकार हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है। केंद्र के दिशा-निर्देशों के बाद कोविड-19 की तैयारियों की जांच के लिए 11 अप्रैल को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी।