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NEW DELHI: दिल्ली नगर निगम (MCD) के प्राईमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों में स्पोर्ट्स टैलेंट को निखारने और भविष्य के प्रतिभावान फुटबॉल खिलाड़ी की तलाश के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी. इसके लिए साल 2021 में तत्कालीन दक्षिणी नगर निगम ने नजफगढ़ में पायलट प्रोजेक्ट के तहत फुटबाल ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत की थी. इस दौरान पिछले दो सालों में कई अच्छे फुटबॉल खिलाड़ी उभरकर सामने आये, साथ ही नजफगढ सेंटर के लड़के और लड़कियों की टीम जोनल फुटबाल टूर्नामेंट में चैंपियन बनी. इस सफलता से उत्साहित दिल्ली नगर निगम ने प्रोजेक्ट को विस्तार देने का निर्णय लिया है.


इसके तहत दिल्ली नगर निगम अब छह जोन के स्कूलों में फुटबाल ट्रेनिंग सेंटर शुरू करेगी. जल्द ही रोहिणी, केशवपुरम, नरेला, सिविल लाइन, शाहदरा उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्र जोन के प्राईमरी स्कूलों में फुटबाल ट्रेनिंग सेंटर शुरू होंगे. प्रत्येक जोन में दो यानी कि कुल 12 कलस्टर ट्रेनिंग सेंटर बनाए गए हैं, जिनमें बच्चे प्रैक्टिस और कोचिंग लेंगे. हर कलस्टर में चार से पांच स्कूलों को शामिल किया जाएगा. प्रत्येक क्लस्टर के ट्रेनिंग सेंटर में एक कोच और एक सहायक कोच की नियुक्ति की जाएगी, जो बच्चों को फुटबाल की बारीकियां समझाएंगे और उनके स्पोर्ट्स टैलेंट को निखारेंगे.

अभाव से जूझ रहे प्रतिभावान बच्चों को होगा फायदा

बच्चों के खेलने के लिए फुटबॉल ग्राउंड बनाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गयी है. निगम की इस पहल से उन प्रतिभावान बच्चों को अपने स्पोर्ट्स टैलेंट को तराशने में मदद मिलेगी, जो संसाधनों के अभाव में अपनी प्रतिभा को जाहिर नहीं कर पाते हैं. निगम के एक अधिकारी ने बताया कि, 'हर कलस्टर के लिए स्कूलों का चयन करने, ग्राउंड तैयार करने, पोल लगाने समेत अन्य आवश्यकताओं को सूचीबद्ध किया जा रहा है. जबकि ट्रेनिंग सेंटर के लिए कोच और सहायक की संविदा आधार पर नियुक्ति की जाएगी.'


नजफगढ जोन की लड़के और लड़कियों की टीम बनी चैंपियन

बता दें कि, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नजफगढ़ जोन में शुरू किए गए फुटबाल ट्रेनिंग सेंटर में प्राईमरी स्कूलों के सौ से ज्यादा बच्चे प्रशिक्षण ले रहे हैं. पोचनपुर बाल विद्यालय के बच्चों ने दिल्ली यूथ फुटबाल लीग (11 वर्ष आयु वर्ग) में कई मशहूर एकेडमी की टीमों को शिकस्त देते हुए टूर्नामेंट का खिताब अपने नाम किया. खास बात यह रही कि पोचनपुर विद्यालय की टीम एक भी मैच नहीं हारी. उन्होंने, प्रतिद्वंद्वी टीम को खुद के खिलाफ एक भी गोल करने में सफल नहीं होने दिया. पूरे टूर्नामेंट में पोचनपुर की टीम ने 40 गोल दागे. इंटर जोनल टूर्नामेंट में नजफगढ़ जोन सेंटर के लड़के और लड़कियों की टीम चैंपियन बनीं. निगम के अधिकारी ने बताया कि नजफगढ़ जोन के फुटबाल ट्रेनिंग सेंटर में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के बच्चों की संख्या अधिक है.