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NEW DELHI: खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा के सरे शहर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है. सरे के एक गुरुद्वारे की पार्किंग में दो युवकों ने निज्जर को गोली मारी. यह घटना रविवार रात (8:27) बजे हुई, जब अज्ञात युवकों ने सरे शहर में गुरु नानक सिख गुरुद्वारा साहिब के परिसर में हरदीप निज्जर को गोली मारी. हरदीप निज्जर खालिस्तान टाइगर फोर्स (KTF) का प्रमुख था. हरदीप सिंह निज्जर भारतीय एजेंसियों की मोस्ट वांटेड आतंकियों की लिस्ट में शामिल था. भारत में हिंसा और क्राइम के कई केसों में उसका नाम सामने आया था, जिसके बाद उसे वांटेड टेररिस्ट की लिस्ट में डाला गया था. आइए जानते हैं कि हरदीप सिंह निज्जर कौन था?

पंजाब में टारगेट किलिंग करवाता था निज्जर 

हरदीप सिंह निज्जर पंजाब में टारगेट किलिंग करवाता था. इसके अलावा निज्जर अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी और कनाडा में भारतीय मिशनों के बाहर भारत विरोधी प्रदर्शनों का आयोजन करता था, इन प्रदर्शनों में वो भारत के खिलाफ प्रोपेगेंडा फैलाता था. 

NIA ने लिस्टेड किया 

निज्जर सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के बैनर तले गुरपतवंत सिंह पन्नून और परमजीत सिंह पम्मा जैसे आतंकवादियों के साथ मिलकर काम कर रहा था. सिख फॉर जस्टिस को साल 2019 में भारत के गृह मंत्रालय ने बैन कर दिया था. वहीं, कनाडा में निज्जर के आवासों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने अपने दस्तावेजों में लिस्टेड किया हुआ है.

पाकिस्तान से कार्यालय को संचालित करते थे

सिख फॉर जस्टिस ने दिसंबर 2020 में गुरपतवंत पन्नून, ब्रिटेन में रह रहे परमजीत सिंह पम्मा और कनाडा के हरदीप सिंह निज्जर के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था. आरोप पत्र में कहा गया है कि एनआईए 'मानवाधिकार की वकालत करने वाले ग्रुप' की आड़ में अमेरिका, कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान सहित विभिन्न देशों में अपने कार्यालयों को संचालित करते थे. विदेशी धरती से संचालित होने वाला सिख फॉर जस्टिस खालिस्तान आतंकवादी संगठनों का एक फ्रंटल संगठन है.

गुरुद्वारे का अध्यक्ष बनने के लिए जबरन कब्जा

हरदीप सिंह निज्जर ने सरे शहर के गुरु नानक सिख गुरुद्वारे का अध्यक्ष बनने के लिए जबरन कब्जा कर लिया था. पिछले कुछ सालों में निज्जर ने भारत के महावाणिज्य दूतावास के सामने लगातार विरोध-प्रदर्शन में भाग ले रहा था. वहीं, पिछले हफ्ते खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) के खालिस्तानी नेता अवतार सिंह खांडा की ब्रिटेन के एक अस्पताल में मौत हो गई थी.

खुफिया एजेंसियों के अनुसार, अवतार खांडा और हरदीप निज्जर ने भारतीय उच्चायोगों के बाहर विरोध-प्रदर्शन आयोजित करने के लिए मिलकर काम किया. उन्होंने भारत में आतंकवादी हमलों को लेकर पिलानिंग भी साथ में की थी. एनआईए ने हरदीप सिंह निज्जर पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था.