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NEW DELHI: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने इस सत्र के लिए पांच साल के इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को फीस में छूट देने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही दाखिला लेने वाले हर छात्र को लैपटॉप के लिए 50 हजार रुपये विश्वविद्यालय की तरफ से दिए जाएंगे. यह निर्णय डीयू की कार्यकारी परिषद की बैठक में शुक्रवार को हुआ. विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. योगेश सिंह ने कहा जिन बच्चों के माता-पिता की आय चार लाख या फिर उससे कम है. ऐसे छात्रों को फीस में 90 फीसदी तक की छूट दी जाएगी.

उधर जिन छात्र-छात्राओं के पेरेंट्स की आय 4 से लेकर 8 लाख रुपये तक है, उन्हें फीस में 50 फीसदी तक की छूट मिलेगी. लॉ प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले आरक्षित वर्ग के विद्यार्थियों को पंजीकरण शुल्क के रूप 1200 रुपये की जगह 1 हजार रुपये देने होंगे. हालांकि एसी ने दोनों पाठ्यक्रमों की फीस संरचना का विरोध किया है. डीयू ने फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के इस शैक्षणिक वर्ष से तीन बीटेक कार्यक्रम व पांच साल का इंटीग्रेटेड लॉ प्रोग्राम शुरू किया है. इन कोर्स में दाखिले के लिए छात्रों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा और सामान्य कानून प्रवेश परीक्षा देनी होगी.

किसको कितनी सीटें 
डीयू के कुलपति योगेश सिंह ने कहा है कि छात्रों को एक नए कार्यक्रम एमबीए (बिजनेस एनालिटिक्स) की घोषणा की जा सकती है. ये प्रोग्राम 76 सीटों के साथ शुरू किया जाएगा. इनमें 40-50 फीसदी अनारक्षित, 27 फीसदी ओबीसी, 15 फीसदी एससी, 7.5 फीसदी एसटी और 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस कोटे को मिलकर कुल 60 सीटें होंगी. इसके अलावा सुपरन्यूमैरेरी कोर्ट के तहत 5 प्रतिशत सीडब्ल्यू, 5 प्रतिशत पीडब्ल्यूबीडी और विदेशी विद्यार्थियों के लिए 10 फीसदी कोटा रहेगा. 4 सीटें पीजी वार्ड कोटा के तहत होंगी. इनमें 2 सीटें टीचिंग और 2 सीटें नॉन टीचिंग के लिए होंगी.