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NEW DELHI
(Amar Colony Police Station Case): साउथ ईस्ट दिल्ली (South East Delhi) के अमर कॉलोनी थाना के एसएचओ और एक ट्रेनी सब इंस्पेक्टर को एक मामले में कोर्ट में पेश न होना भारी पड़ गया और उनके खिलाफ लापरवाही बरतने को लेकर दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ने सख्त कार्रवाई की है. अमर कॉलोनी थाना के एसएचओ योगेश्वर सिंह (Yogeshwar Singh) को लाइन हाजिर कर दिया गया है, तो वहीं ट्रेनी एसआई शांतनु (Shantanu) को सस्पेंड कर दिया गया है. दिल्ली पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा (Sanjay Arora) के निर्देश पर डीसीपी राजेश देव (Rajesh Dev) ने यह कार्रवाई की है.

यह पूरा मामला दिल्ली हाईकोर्ट में चल रहे एक दहेज प्रताड़ना के केस से संबंधित है. इसमें जांच अधिकारी की अनुपस्थित होने की स्थिति में तारीख पर सुनवाई के दौरान इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी को न भेजकर ट्रेनी एसआई को जज के सवालों और केस से संबंधित तथ्यों को प्रस्तुत करने के लिए भेजा गया था. सुनवाई के दौरान ट्रेनी एसआई ने जज के पूछे गए लगभग सभी सवालों का सही उत्तर दिया, लेकिन एक सवाल के उत्तर में जब उन्होंने कहा कि वे इस केस के जांच अधिकारी नहीं हैं, इसलिए उन्हें केस के बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है. इस पर हाईकोर्ट के जज ने मामले को डिवीजनल बेंच में भेज दिया.

हाईकोर्ट ने सीपी को किया था तलब

साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट पुलिस के मुताबिक 20 अक्टूबर को इसी जिले के किसी दूसरे थाना के एक मामले की हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान भी थाना पुलिस की लापरवाही सामने आई, जिस पर कोर्ट ने पुलिस कमिश्नर संजय अरोड़ा को तलब कर लिया. कोर्ट में पेशी के बाद स्टैंडिंग काउंसिल ने पुलिस आयुक्त को अमर कॉलोनी थाना पुलिस की लापरवाही के संबंध में जानकारी दी. इसके बाद उसी दिन सीपी के निर्देश पर डीसीपी ने एसएचओ और ट्रेनी एसआई पर कार्रवाई कर दी. आदेश में डीसीपी ने अमर कॉलोनी के एटीओ को एसएचओ का काम संभालने का निर्देश दिया है.

एक इंस्पेक्टर को होना होता है पेश

गौरतलब है कि, हर थाने में एसएचओ समेत सामान्यतः तीन या दो इंस्पेक्टरों की तैनाती होती है. उनमें किसी एक इंस्पेक्टर को केस की पूरी तैयारी करके जस्टिस के सामने पेश होना चाहिए, ताकि कोर्ट के किसी भी तरह के सवाल पर वह तुरंत जवाब दे सकें. इसके बावजूद साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट के कुछ एसएचओ लापरवाही बरत रहे हैं. इसे लेकर कोर्ट की ओर से सीपी को तलब करने के बाद लापरवाह पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है.